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जानें- SSC CGL अधिकारियों को कैसे प्रमोट (पदोन्नति) किया जाता है?

इस आर्टिकल में हम SSC CGL के जरिये प्राप्त होने वाली सभी पोस्ट्स में करियर ग्रोथ की संभावना पर प्रकाश डालेंगे जोकि एक SSC CGL ऑफिसर के करियर में एक निर्धारित समयावधि या विभागीय परीक्षाओं के माध्यम से दिए जाते हैं.

Feb 4, 2019 17:39 IST
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Promotion of SSC CGL posts
Promotion of SSC CGL posts

SSC CGL ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों के दिमाग में एक सवाल अवश्य ही आता है, वह है आवेदन के दौरान पोस्ट्स की वरीयता और इसके साथ जुड़ी पदोन्नति की भावी संभावनायें। जैसा कि हम जानते हैं, कि SSC आपको एक राजपत्रित अधिकारी होने का एक अवसर देता है। इसलिए उम्मीदवारों को प्रत्येक पद के बारे में उचित जानकारी होने की आवश्यकता है। इस लेख के माध्यम से, हम SSC CGL के सभी पदों पर चर्चा करेंगे और उम्मीदवारों को इस जॉब में उनके भविष्य और इसमें मिलने वाले सभी अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे. इस विश्लेषणात्मक आर्टिकल को पढने के बाद, आप ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आसानी से अपनी पसंद के पदों को व्यवस्थित क्रम में भर पायेंगे-

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1. इंस्पेक्टर परीक्षक (CBEC)

एक इंस्पेक्टर का कार्य निरीक्षण करने का होता है जिसमें आयातित और निर्यातित गुड्स / सामान की जांच करनी होती है और बंदरगाह के अंदर आने-जाने वाले गुड्स पर लगे करों (Taxes) को सत्यापित करना होता है।

पदोन्नति के क्रम में:

Appraiser (ग्रुप- बी राजपत्रित अधिकारी) -> सहायक आयुक्त -> उपायुक्त -> संयुक्त आयुक्त -> आयुक्त.

पहली पदोन्नति 3 साल की सेवा के बाद मिलती है। इस पद को अन्य सभी पदों में सबसे अच्छा माना जाता है।

2. आयकर निरीक्षक (ITI)

आयकर निरीक्षक का कार्य व्यक्तियों और व्यवसायों की आय का रिकॉर्ड सत्यापित करना तथा उनकी जांच करना है। इस पद के तहत, आपको व्यक्तियों और व्यवसायों के आयकर रिकॉर्ड का आंकलन करके उन्हें सत्यापित भी करना होता हैं। इनके ऊपर टैक्स में परिवर्तन करने और टी०डी०एस० घटाने की जिम्मेदारी भी होती है।

पदोन्नति का क्रम:

आयकर अधिकारी -> सहायक आयुक्त -> उपायुक्त -> संयुक्त आयुक्त -> अपर आयुक्त -> आयुक्त.

पहली पदोन्नति सेवा के 8 साल पूरा करने पर या विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद दी जाती है। नियमों के अनुसार निर्धारित योग्यता रखने वाले ऑफिसर को 3 साल के भीतर ITO के रूप में पदोन्नत किया जा सकता है।

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3. प्रिवेंटिव ऑफिसर

प्रिवेंटिव ऑफिसर का कार्य जानकारी एकत्रित करना तथा कदाचार की जानकारी मिलने पर उसे रोकने हेतु सुधारात्मक कार्रवाई करना होता है।

प्रमोशन (पदोन्नति) का क्रम:

सीमा शुल्क अधीक्षक -> सहायक आयुक्त -> उपायुक्त -> आयुक्त

पहली पदोन्नति, सेवा के 8 साल पूरा होने पर / विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद दी जाती है।

4. केंद्रीय आबकारी निरीक्षक (CBEC)

एक CBEC इंस्पेक्टर का कार्य कंपनियों द्वारा भरे जा रहे टैक्स रिटर्न का निरीक्षण करना और उनके द्वारा भरे जा रहे टैक्स को सत्यापित करना होता है।

प्रमोशन (पदोन्नति) का क्रम:

अधीक्षक -> सहायक आयुक्त -> उपायुक्त -> आयुक्त.

पहली पदोन्नति, सेवा के 8 साल पूरा होने पर / विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद दी जाती है।

5.सब इंस्पेक्टर (उप निरीक्षक) (CBI)

उप निरीक्षक का कार्य, भ्रष्टाचार के मामलों और अन्य अपराधों की जांच करना और अपराधी को पकड़ना होता है।

प्रमोशन (पदोन्नति) का क्रम:

निरीक्षक (इंसपेक्टर) (कम से कम 5 साल के बाद) -> उपाधीक्षक (डिप्टी सुपरीटेंडेट) (10-12 साल के बाद) -> अधीक्षक (सुपरीटेंडेट) (5-7 साल के बाद) -> वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (वरिष्ठ सुप्रीटेंडेट).

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6.सहायक अनुभाग अधिकारी (असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर) (CSS)

सहायक अनुभाग अधिकारी का कार्य आमतौर पर किसी विभागीय कार्य हेतु नोट्स तैयार करना और रिपोर्ट बनाना होता है व इसके बाद, इसे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के पास सत्यापन के लिए भेजना होता है, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सकें.

प्रमोशन (पदोन्नति) का क्रम:

अनुभाग अधिकारी (विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल होने पर 5 वर्षों में,  सामान्यत: 10 वर्षों में) -> अवर सचिव (सेवा के 4 साल पूरा करने के बाद)- -> उप सचिव > निदेशक.

7. डिविजनल (विभागीय) एकाउंटेंट (CAG)

डिविजनल (विभागीय) एकाउंटेंट का कार्य राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी परियोजनाओं के व्यय का ऑडिट करना होता है।

प्रमोशन (पदोन्नति) का क्रम :

संभागीय लेखा अधिकारी II -> संभागीय लेखा अधिकारी I -> सीनियर डिवीजनल लेखा अधिकारी.

8- विदेश मंत्रालय में सहायक (MoEA)- जनरल

विदेश मंत्रालय में सहायक (MoEA)- जनरल का कार्य केवल प्रशासनिक कार्यों को करना होता है, जिसमें- वर्तमान घटनाओं के अपडेट्स पर रिपोर्ट बनाना, टाइपिंग, और फाइलों को रख-रखाव आदि सम्मिलित हैं। आपको अपनी ज्वॉइनिंग के 1.5 से 2.5 साल के भीतर विदेशों के कार्यालयों में पोस्टिंग का मौका भी मिल सकता है।

प्रमोशन (पदोन्नति) का क्रम :

(विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल किये बिना) :15-17 वर्षों में प्रमोशन

(विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद) : 8 साल में प्रमोशन

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9- विदेश मंत्रालय (MoEA) में सहायक - साइफर

विदेश मंत्रालय (MoEA) में एक सहायक - साइफर का कार्य इंटरनेट के माध्यम से भेजी जाने वाली गोपनीय फ़ाइलों और डेटा की डिकोडिंग करना होता है। मंत्रालय में शामिल होने के छह साल के भीतर विदेश में पोस्टिंग का भी मौका मिलता है।

पदोन्नति का क्रम:

5 साल में प्रशासनिक अधिकारी का सहायक (विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद) -> प्रशासनिक अधिकारी से अवर सचिव (आईएफएस) 8 साल -> अवर सचिव से उप सचिव (8 वर्ष) -उप सचिव से निदेशक (6 वर्ष) -> निदेशक से सचिव संयुक्त सचिव (4 वर्ष).

10. सहायक प्रवर्तन अधिकारी (AEO)

इस पद का कार्य एक इंस्पेक्टर की तरह होता हैं जिसमें मनी लांड्रिग पर रोक लगाना, जालसाजी रोकना, घरों और कार्यालय परिसर में छापे और गिरफ्तारी करने जैसे कार्य सम्मिलित हैं।

पदोन्नति का क्रम:

प्रवर्तन अधिकारी -> सहायक निदेशक -> उप निदेशक -> निदेशक.

यहाँ पदोन्नति की कोई निश्चित अवधि नहीं है।

11.सहायक (रेल मंत्रालय)

इस पोस्ट में लगभग एक अपर डिवीजन क्लर्क जैसी जिम्मेदारी होती है।

पदोन्नति का क्रम :

अनुभाग अधिकारी (विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल किए बगैर 7-8 वर्षों में; यदि सफलता हासिल होती है तो 5-6 साल के भीतर) -> अवर सचिव -> उप सचिव -> निदेशक.

12. इंस्पेक्टर (डाक विभाग)

एक डाक निरीक्षक (पोस्टल इंस्पेक्टर) के ऊपर उसके उपखंड के तहत आने वाले लगभग 60-70 डाकघरों की जिम्मेदारी होती है। उसका कार्य उसके प्राधिकरण में आने वाले डाकघरों के कारोबार के विस्तार की दिशा में काम करना हैं और उसे दो डाक पर्यवेक्षक द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही, वह ग्रामीण डाक सेवकों के इंटरव्यू में भी सम्मिलित होते है।

पदोन्नति का क्रम:

सहायक अधीक्षक (विभागीय परीक्षा में सफलता हासिल करने के पांच साल बाद) -> डाक अधीक्षक -> वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक.

13. ऑडिटर - नियंत्रक एवं भारत के महालेखा परीक्षक (CAG), रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA), महालेखा नियंत्रक (CGA)

एक लेखा परीक्षक राज्य विभागों (CAG), रक्षा बलों (CGDA) और भारत के सामान्य खातों (CGA) के खातों के व्यय रिपोर्ट का ऑडिट करता है।

पदोन्नति का क्रम:

वरिष्ठ लेखा परीक्षक (सेवा के 3 साल के बाद) -> AAO (सेवा के 2 साल बाद और विभागीय परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद).

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14. इंस्पेक्टर - केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN)

इस विभाग के तहत, एक इंस्पेक्टर का कार्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों के आयात / निर्यात पर नज़र रखना होता है और इस पर प्रतिबन्ध लगाना भी होता है. एक इंस्पेक्टर यह भी सुनिश्चत करता है कि नशे से सम्बंधित पौधों का इस्तेमाल कहीं अवैध रूप से तो नहीं हो रहा हैं।

पदोन्नति का क्रम :

नारकोटिक्स अधीक्षक (सुप्रीटेंडेट) -> सहायक नारकोटिक्स आयुक्त -> उप-नारकोटिक्स आयुक्त -> नारकोटिक्स आयुक्त.

15. सब-इंस्पेक्टर - CBN

सब-इंस्पेक्टर (उप निरीक्षक -CBN) का काम लगभग उसी प्रकार का है जो एक CBN में इंस्पेक्टर का होता है।

पदोन्नति का क्रम :

इंस्पेक्टर -> नारकोटिक्स अधीक्षक -> सहायक नारकोटिक्स आयुक्त -> उप नारकोटिक्स आयुक्त -> नारकोटिक्स आयुक्त.

16. सब -इंस्पेक्टर - राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)

NIA राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर कार्य करती है, जिसमें यात्रा, सबूतों को एकत्र करना, आतंकवादी हमलों के बाद या उससे पहले की जानकारियों को एकत्र करना आदि शामिल है।

पदोन्नति का क्रम :

निरीक्षक (कम से कम 5 साल के बाद) -> उपाधीक्षक -> अधीक्षक.

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17. सांख्यिकीय अन्वेषक (स्टैटिस्टिकल इनवेस्टिगेटर) -द्वितीय

सांख्यिकीय अन्वेषक का कार्य डेटा संग्रह करना और सरकार द्वारा लागू की गयी योजनाओं का मूल्यांकन करना तथा सरकारी विभागों को आवश्यक जानकारी प्रदान करना होता है.

पदोन्नति का क्रम :

वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी -> सहायक निदेशक -> उप निदेशक -> संयुक्त निदेशक.

18. CBDT और CBEC में टैक्स असिस्टेंट (केंद्रीय प्रत्यक्ष कराधान बोर्ड और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क कराधान बोर्ड)

CBDT टैक्स असिस्टेंट, वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी, किसी व्यक्ति या व्यापार की इकाई के करों का आकलन कर इसकी पुष्टि या इसमें संशोधन का कार्य करता हैं।

पदोन्नति का क्रम:

वरिष्ठ कर सहायक (3 वर्ष) -> आबकारी निरीक्षक (3-4 वर्ष) - आयकर> अपर आयुक्त -> अधीक्षक -> सहायक आयुक्त -> उपायुक्त -> संयुक्त कर आयुक्त.

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19- केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सहायक

CVC केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित होने वाली सभी सतर्कता संबंधी गतिविधियों पर नजर रखता है और रिकॉर्ड, फाइलों को अपडेट तथा जानकारियों को इकट्ठा करने आदि का कार्य करता है।

पदोन्नति का क्रम:

अनुभाग अधिकारी (7-8 साल बाद) -> अपर सचिव -> उप सचिव -> निदेशक.

20- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सहायक

इस विभाग में सहायक कंप्यूटर डेटाबेस से संबंधित कार्य करता है।

पदोन्नति का क्रम:

अनुभागीय अधिकारी -> अवर सचिव -> उप सचिव.

21- सशस्त्र बलों के मुख्यालय में सहायक (AFHQ)

इस पोस्ट में तैनात सहायक का कार्य डूयूटी का प्रबंधन और स्टाफ के सदस्यों के बीच कार्य का वितरण और समन्वय स्थापित करना होता है।

पदोन्नति का क्रम:

अनुभाग अधिकारी (4 वर्ष के बाद) -> उप निदेशक (6 साल के बाद) -> संयुक्त निदेशक (5 वर्ष के बाद) -> निदेशक (5 वर्ष के बाद) -> प्रधान निदेशक.

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22. CGA और CAG में एकाउंटेट/जूनियर अकाउंटेट (लेखाकार)

ये क्लर्क का कार्य करते हैं, जिनमें विभिन्न कार्य सम्मिलित है, जैसे कार्यालय के बिल, वेतन भत्ते और कार्यालय के खर्च का रिकॉर्ड तैयार करना। इनका कार्य पेंशन और GPF के मामलों से संबंधित कार्यों का निपटान करना इत्यादि।

पदोन्नति का क्रम :

वरिष्ठ लेखाकार (3 साल के बाद) -> सहायक लेखा अधिकारी (एएओ परीक्षा के बाद) -> प्रधान लेखा अधिकारी (एएओ 15 साल बाद) -> वरिष्ठ लेखा अधिकारी.

23. अपर डिवीजन क्लर्क (केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों / CSCS कैडर के अलावा अन्य मंत्रालयों)

एक अपर डिवीजन क्लर्क का कार्य तथ्यों की जांच, त्रुटियों और गलत बयानों का पता लगाना, नियमों और कानूनों के मामलों का ध्यान रखना भी होता है।

पदोन्नति का क्रम:

सहायक अधिकारी -> अनुभाग अधिकारी.

24. कम्पाइलर (भारत के महापंजीयक)

कम्पाइलर का कार्य सांख्यिकीय डिवीजनों से संबंधित होता है। ये विभिन्न स्रोतों के माध्यम से एकत्रित की गई जानकारी को संकलित करते हैं।

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उपरोक्त लेख में, हम लगभग सभी प्रकार की नौकरियों की प्रोफाइल व उनसे सम्बंधित पदोन्नति के बारे में विस्तार से चर्चा कर चुके हैं। अब आप अपने क्षेत्र और आवश्यकता के अनुसार अपनी पसंद को तय कर सकते हैं। ये विवरण आपको अपनी पंसद के आधार पर पदों की वरीयता का विश्लेषण करने व ऑनलाइन फॉर्म भरते समय पदों के क्रम को निर्धारित करने में एक संक्षिप्त आइडिया प्रदान करते हैं।

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