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भारत की सबसे शक्तिशाली महिला बैंकर्स

भारत के सबसे सशक्तिशाली बैंकरों से मिलें, घर के खर्चों का प्रबंधन से लेकर देश में वित्तीय क्रांति की अगुवाई करने तक, ऐसा कुछ भी नहीं है जो भारतीय महिलाएं नहीं कर सकतीं.    

Mar 7, 2018 15:52 IST
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India’s most powerful women bankers
India’s most powerful women bankers

महिला सशक्तिकरण के इस दौर में महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है l बैंकिंग और व्यावसायिक क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है l भारत के शीर्ष बैंको में उच्च पदों पर कार्यरत महिलाएं महिला सशक्तिकरण का ज्वलंत उदाहरण हैं l वे जो फैसले लेती हैं उनसे उनके बैंकों के लाभ का स्तर बढ़ने के अलावा लाखों लोग प्रभावित होते हैं. आईए हम हमारे देश की सबसे शक्तिशाली महिला बैंकर्स की सूची पर नजर डालते हैं जो हमारी अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रही हैं.

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सर्वोच्च महिला बैंकरों की सूची जिन्होंने वित्तीय जगत में बड़ा योगदान किया हैः

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र देश में महिला सशक्तिकरण के सबसे महान उदाहरणों में से एक है. इस क्षेत्र में कई बार मिथक टूटे हैं और हमारे देश के कई प्रमुख बैंकों के सर्वोच्च पदों पर महिलाओं की उपस्थिति अब आम है.

Arundhati Bhattacharyaश्रीमति अरुंधति भट्टाचार्य

श्रीमति भट्टाचार्य बैंक के 207 वर्षों के इतिहास में पहली महिला अध्यक्ष नियुक्त हुई थी. उन्होंने वर्ष 1977 में प्रोबेशनरी अधिकारी के तौर पर बैंक ज्वाइन किया था और जनरल इंश्योरेंस, मोबाइल बैंकिंग, फाइनैंशल प्लानिंग आदि जैसे बैंक के अलग– अलग क्षेत्रों में काम किया. । वर्ष 2016 में, फोर्ब्स पत्रिका द्वारा वह दुनिया की 25 वीं सबसे शक्तिशाली महिला के रूप में सूचीबद्ध थीं। वह अक्टूबर 2017 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त हुई।

Chanda Kochharश्रीमति चंदा कोचर

श्रीमति चंदा कोचर देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक यानि आईसीआईसीआई (ICICI)की एमडी और सीईओ है. उन्होंने वर्ष 1984  में आईसीआईसीआई लिमिटेड ज्वाइन किया था और आगे चलकर 2001 में उन्हें बैंक के बोर्ड में शामिल कर लिया गया. इन्होने देश के खुदरा व्यापार (retail business) के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया  हैं.

Shikha Sharmaश्रीमति शिखा शर्मा

श्रीमति शिखा शर्मा ने आईसीआईसीआई लिमिटेड के साथ अपना करिअर शुरु किया था और एक्सिस बैंक में शामिल होने से पहले कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों आयामों में काम किया. वर्ष 2009 से वे निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बैंक में सर्वोच्च स्थान पर रही हैं और अपने कार्यकाल के दौरान शाखाओं (ब्रांच) की संख्या बढ़ाने के साथ– साथ संपत्ति निर्माण के जरिए बैंक को सबसे लाभदायक कंपनियों में से एक बना दिया है.

Naina Lal Kidwaiश्रीमति नैना लाल किदवई

नैना लाल किदवई एचएसबीसी इंडिया की वर्तमान अध्यक्ष हैं. ये फिक्की (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry, FICCI) इंडिया की पूर्व अध्यक्ष भी रही हैं. एचएसबीसी के साथ– साथ अन्य कंपनियों में वे अलग– अलग पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री करने वाली श्रीमति किदवई ने बीते कुछ दशकों में बैंकिंग उद्योग के साथ– साथ देश के वित्तीय उद्योग में भी काम किया है. भारत और अन्य देशों में व्यापार एवं संपत्ति के क्षेत्र में किए गए कार्यों के कारण इन्हें पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है.

Usha Ananthasubramanianउषा अनंतसुब्रमण्यम

इलाहाबाद बैंक के एमडी और सीईओ उषा अनंतसुब्रमण्यन को हाल ही में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की पहली महिला अध्यक्ष चुना गया है।इसके पहले वे भारतीय महिला बैंक की एमडी और  सीईओ थीं. उन्होंने सांख्यिकी में स्नातक किया और भारतीय जीवन बीमा निगम के एक्चुरियल डिपार्टमेंट (बीमांकिक विभाग) का हिस्सा बनीं. बाद में, बैंक ऑफ़ बड़ोदा  के साथ प्लानिंग ऑफिसर के तौर पर अपने बैंकिंग करिअर की शुरुआत की.

अर्चना भार्गव

अर्चना भार्गव को जब वर्ष 2013 में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ के पद की पेशकश की गई थी तो उन्हें बैंकिंग जगत के सबसे मुश्किल कामों में से एक काम मिला था. बढ़ते नॉन परफोर्मिंग एसेट (एनपीए) की समस्या से बैंक परेशान था. इसने बैंक के विकास को लगभग रोक दिया था. वर्ष 2015 में उन्होंने बैंक छोड़ दिया था. उन्होंने बैंक को अपने पैरों पर एक बार फिर से खड़ा किया और बैंक के कारोबार को भी बदला. पंजाब नेशनल बैंक में बतौर अधिकारी वे बैंक उद्योग से जुड़ीं और 34 वर्ष काम करने के बाद, वर्ष 2011 में कैनरा बैंक में बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शामिल हुईं. इन्हें अक्सर भारतीय बैंकिंग उद्योग की टर्न–अराउंड वुमेन कहा जाता है.

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विजयलक्ष्मी अय्यर

वर्ष 1975 में बतौर प्रबंधन प्रशिक्षु विजयलक्ष्मी अय्यर ने अपने करिअर की शुरुआत की थी. सीएआईआईबी (Chartered Associate of Indian Institute of Banker,CAIIB)से उन्होंने वाणिज्य में डिग्री की थी. बैंक ऑफ इंडिया की एमडी और सीईओ बनने से पहले वे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुकी थीं. उनके नेतृत्व में बैंक ऑफ इंडिया ने अपना कारोबार काफी बढ़ाया और देश में पहले से ही भीड़ वाले बैंकिंग क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

कल्पना मोरपारिया

कल्पना मोरपारिया जेपी मोर्गन इंडिया की सीईओ हैं. ये बैंक के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेने वाले रणनीतिक समूह की सदस्य भी हैं. मोरपारिया ने बॉम्बे विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया है और जेपी मोर्गन इंडिया के वर्तमान पद पर आने से पहले आईसीआईसीआई ग्रुप में 30 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.

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काकू नखाटे

काकू नखाटे बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच इंडिया की कंट्री हेड हैं. कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बैंक के बैंलेंसशीट में तीन गुना बढ़ोतरी की. इनके नेतृत्व में, बैंक ने देश के कॉरपोरेट वित्तीय बादार में खुद के लिए अलग जगह बनाई. बैंक में शामिल होने से पहले, इन्होंने जेपी मोर्गन चैस एंड को. के वाईस प्रेसिडेंट के तौर पर काम किया था.

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इन महिलाओं ने सिर्फ अपनी काबिलियत के बूते इन पदों को हासिल किया है. ये देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं. उनके प्रयासों और सफलता से हम सभी को सीख लेंनी चाहिए.

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