रेल मंत्रालय में सहायक (असिस्टेंट) के कार्य और जिम्मेदारियां

इस अनुच्छेद में, हमने एसएससी के द्वारा सेवा प्रदत्त रेलवे असिस्टेंट के जॉब प्रोफाइल, वेतन और भत्तों, प्रमोशन पहलुओं और अन्य सरकारी जिम्मेदारियों के बारे में सभी तथ्यों और आंकड़ों को संलग्न किया  है। इस लेख को एसएससी CGL परीक्षा की  तैयारी करने वालो की मदद व प्रेरणा स्त्रोत के लिए बनाया है पूरी जानकारी यहाँ प्राप्त करें

Mar 9, 2017 14:03 IST
Roles and responsibilities
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स्टॉफ सलेक्शन कमीशन कॉमन ग्रेजुएट लेवल (एसएससी सीजीएल) परीक्षा के माध्यम से  इच्छुक उम्मीदवार रेल मंत्रालय में सहायक की नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यह एक ऐसा पद है जिसमें मिलने वाली जिम्मेदारियों और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए कई इच्छुक उम्मीदवार इस नौकरी को हासिल करना चाहते हैं। यह भारतीय रेलवे के तहत ग्रुप बी (समूह ख) का पद है जिसके लिए रेलवे एसएससी के माध्यम से भर्ती आयोजित करता है।

भारतीय रेलवे न सिर्फ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क चलाता है, बल्कि इन सबके बीच दुनिया का सबसे बड़ा नियोक्ता भी है। वैश्विक आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम) की सूची में भारतीय रेलवे को दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में 8 वां स्थान हासिल है। लिखित परीक्षा के दौर से गुजरने के बाद उम्मीदवार को व्यक्तिगत साक्षात्कार के दौर से गुजरना होता है और इसमें सफलता हासिल करने के बाद उसे रेलवे में नौकरी मिल जाती है। नौकरी के दौरान वह मंत्रालय से मिलने वाले लाभ, भत्तों और करियर लाभ उठाने का अधिकारी हो जाता है।

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रेल मंत्रालय में सहायक की नौकरी का विवरण

आधिकारिक कार्यों के लिए उम्मादवारों की संभावित पोस्टिंग रेलवे के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय 'रेल भवन' में हो सकती है। इसके अलावा उम्मीदवारों की पोस्टिंग प्रशासनिक कार्यों का निरीक्षण करने के लिए देश भर में स्थिति किसी भी अन्य क्षेत्रीय रेलवे कार्यालयों में की जा सकती है। उम्मीदवारों की नियुक्ति किसी विशेष कार्यालय की आवश्यकता या वहां हुई रिक्ति पर निर्भर करती है। अपने करियर की शुरुआत में आपको या तो बड़े महानगरों में पोस्टिंग  मिल सकती है या फिर आपकी पोस्टिंग शहरी-उपनगरीय रेलवे कार्यालयों में हो सकती है। उम्मीदवारों को अधिकतर लिपिक कार्यों (क्लर्किल) और सरकारी पेपरों, फाइलों और रिकॉर्ड संबधी कार्यों को निपटाना होता है। उन्हें आमतौर पर मंत्रालय के ग्रुप ए के अधिकारियों को रिपोर्ट करना होता है और जब भी जरूरत होती है तो अधिकारियों के समक्ष जानकारी, फाइलें और रिकॉर्ड तथा अन्य विवरण प्रस्तुत करना होता है।  सहायकों को निर्णय लेने के अधिकार नहीं होता हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी कागजी कार्रवाई का प्रबंधन करने और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने तक ही सीमीत रहती है। चूंकि, कार्य का बोझ और वर्किंग ऑवर सीमित होते हैं इसलिए छुट्टियों के प्रावधानों के साथ कार्यों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता  हैं।

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रेल मंत्रालय में सहायक (असिस्टेंट) का वेतन ढांचा

वो सहायक, जिनकी नियुक्ति रेल मंत्रालय में हाल ही में हुई है उन्हें II पे बैंड के साथ प्रतिमाह 4600 रुपये का ग्रेड पे दिया जा रहा है। सहायकों का पे बैंड 9300- 34800 / रूपये प्रतिमाह है और शुरूआत में समेकित वेतन 40000 / रूपये प्रतिमाह के आसपास आता है। समेकित वेतन में मकान किराया, यात्रा भत्ता और अन्य भत्ते भी शामिल हैं। इस प्रोफाइल में काम करने का सबसे अच्छा पहलू यह है कि आपको भारतीय रेल में यात्रा करने के दौरान काफी अधिक लाभ मिलते हैं। आप भारत में कहीं भी सेकेंड क्लास एसी से यात्रा कर सकते हैं और साथ ही आपको अपनी फैमिली के लिए भी तीन पास मिलते हैं जिसके लिए आपको कुल टिकट की कीमत का एक तिहाई हिस्सा चुकता करना होता है।  मंत्रालय अपने कर्मचारियों को एक शानदार राशि के रूप में एक वार्षिक बोनस भी देता है। जब आप परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए देश के विभिन्न भागों में यात्रा करते हैं तो आपको रेलवे के हॉलीडे होम्स में शानादार डिस्काउंट भी मिल सकता है।

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रेल मंत्रालय में सहायक की तरक्की (प्रमोशन) की संभावनाएं

किसी भी अन्य सरकारी विभाग में कार्यरत किसी अन्य सहायक पदों की तरह रेल मंत्रालय में अच्छे उम्मीदवारों के लिए पदोन्नति की अपार संभावनाएं हैं। रेल भवन या किसी अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनी सेवाओं के 9 साल पूरा करने के बाद उम्मीदवारों की नियुक्ति अधिकारी स्तर के पदों पर हो सकती है। साथ ही विभागीय पदोन्नति की परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद उनकी पदोन्नति सेक्शन ऑफिसर लेवल (अनुभाग अधिकारी) तक हो सकती है।  इसके अलावा, उम्मीदवार मंत्रालय में अवर सचिव, उप सचिव और निदेशक जैसे पदों पर तक भी  पहुँच  सकते हैं। हर पदोन्नति के साथ जिम्मेदारी और कार्य का बोझ बढ़ते जाता है, लेकिन उनका ज्यादातर समय उसी कार्यालय में गुजर जाता है जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरूआत की थी।

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