UP Board कक्षा 12वीं Economics विषय का सिलेबस 2018-2019

Apr 4, 2018 11:59 IST
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UP Board Class 12th Economics Syllabus
UP Board Class 12th Economics Syllabus

आज हम आपको UP Board कक्षा 12 इकोनॉमिक्स का revised सिलेबस उपलब्ध करा रहे हैं. NCERT के पाठ्यक्रम को अपनाने से UP Board के छात्रों के जो पाठ्यक्रम में बदलाव हुवे हैं वह उनके हित में काफी लाभप्रद है. अब UP Board कक्षा 12 के छात्रों को किसी भी विषय के दो पेपर की तैयारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

NCERT के पाठ्यक्रम को अपनाने के बाद जो परिवर्तन कक्षा 12 इकोनॉमिक्स विषय में हुवे हैं उससे हम यहाँ छात्रों को अच्छी तरह अवगत कराने वाले हैं. जैसे की हम सब को पता है अब सभी विषयों के केवल एक ही पेपर को एग्जाम के लिए छात्रों को तैयार करना होगा. ठीक इसी प्रकार इकोनॉमिक्स विषय के भी दो पेपर की जगह एक ही पेपर अब छात्रों को पढ़ना होगा.

दरअसल जहाँ पहले छात्रों को 50,50 अंकों का दो प्रश्न पत्र हल करना पड़ता था अब उसकी जगह केवल एक प्रश्न पत्र 100 अंकों का हल करना होगा. छात्रों को UP Board कक्षा 12 के इकोनॉमिक्स विषय का सत्र 2018-2019 का सिलेबस यहाँ उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि छात्र अच्छी तरह अपने बदले हुवे सिलेबस से अच्छी तरह परिचित होकर अभी से अपने आगे की पढ़ाई की रणनीति तैयार कर सकें. 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद्, इलाहाबाद
कक्षा-12 अर्थशास्त्र
पाठ्यक्रम 

अध्ययन के उद्देश्य–

  1. उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों को इस प्रकार तैयार करना, जिससे कि वह आगे चलकर विश्वविद्यालय कक्षाओं में अर्थशास्त्र के अध्ययन का लाभ उठा सकें।
  2. आर्थिक वातावरण के सम्बन्ध में उन्हें ज्ञान प्रदान करना।
  3. देश के नगर तथा ग्राम सम्बन्धी समस्याओं का ज्ञान प्राप्त करवाना जिससे वह उदार प्रवृत्ति के बनें, राष्ट्रीय एकता की पृष्ठभूमि से विचार करें और संकीर्ण दृष्टिकोण के शिकार होने से बचें।
  4. साधनों के वैकल्पिक प्रयोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करना।
  5. विभिन्न प्रकार की आर्थिक प्रणालियों का ज्ञान प्राप्त करना।
  6. भारतीय अर्थ व्यवस्था के लक्षण, कमियों और कठिनाइयों का ज्ञान प्राप्त करना।
  7. नियोजन की उपलब्धियों तथा उसक मार्ग में आने वाले अवरोधों को समझने की क्षमता उत्पन्न करना।

पाठ्यक्रम
तीन घण्टे का एक प्रश्न पत्र होगा। जोकि 100 अंकों का होगा तथा न्यूनतम उत्तिरणiक 33 अंक होंगे|

अर्थशास्त्र लेने वाले छात्रों के अन्दर देश के आर्थिक प्रगति की व्यवहारिक जानकारी जागृत करने की दृष्टि से उनसे दो वर्षों में एक बार देहाती क्षेत्र एवं एक बार किसी औद्योगिक क्षेत्र का सर्वेक्षण विद्यालयों द्वारा अपने संसाधनों से कराया जाय।

इकाई-1. विनिमय– (15 अंक)
विनिमय प्रणालियां, बाजार-परिभाषा, वर्गीकरण एवं विस्तार। कीमत (मूल्य) का सिद्धान्त, उत्पादन लागत-कुल लागत, औसत और सीमान्त लागत एवं सम्बन्ध। आय-कुल आय, औसत आय, सीमान्त आय और उनका सम्बन्ध। पूर्ण प्रतियोगिता तथा अपूर्ण प्रतियोगिता में कीमत निर्धारण।

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इकाई-2. वितरण– (15 अंक)

  1. अर्थ, वितरण का सीमान्त उत्पादकता सिद्धान्त, आधुनिक सिद्धान्त।
  2. लगान-परिभाषा, लगान के सिद्धान्त, रिकोर्ड व आधुनिक।
  3. मजदूरी-अर्थ व प्रकार, सीमान्त उत्पादकता का सिद्धान्त, आधुनिक सिद्धान्त।
  4. ब्याज-अर्थ, सकल व शुद्ध।
  5. लाभ-अर्थ, सकल व शुद्ध लाभ, लाभ की दशायें।

इकाई-3. राजस्व (10 अंक)
अर्थ एवं महत्व, कर-प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर। केन्द्रीय सरकार की आय के स्रोत एवं व्यय की मदें। उत्तर प्रदेश सरकार की आय के स्रोत तथा व्यय की मदें। स्थानीय निकाय की आय व व्यय।

इकाई-4. राष्ट्रीय आय– (10 अंक)
आधारभूत संकल्पना, सकल घरेलू उत्पाद, सकल राष्ट्रीय उत्पाद, निबल घरेलू उत्पाद, निबल राष्ट्रीय उत्पाद का सामान्य परिचय, राष्ट्रीय आय की गणना की विधियां।

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इकाई-5. (10 अंक)
भारतीय जनशक्ति का विकास-जनसंख्या-घनत्व, वितरण, वृद्धि के कारण और प्रभाव रोकने के उपाय-बाधायें, जनसंख्या नीति और परिवार कल्याण योजना।

इकाई-6. (05 अंक)

भारतीय आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था-भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, व्यापारिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, नाबार्ड।

इकाई-7. (10 अंक)
ग्रामीण अर्थ व्यवस्था-विकास और प्रौद्योगिकी-ग्राम्य विकास में पंचवर्षीय योजनाओं की विभिन्न उपलब्ध्यिां, ग्राम्य विकास के घटक-पेयजल, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक वानिकी, ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनायें।

इकाई-8. (05 अंक)
आर्थिक विकास एवं दूर संचार व्यवस्था-आन्तरिक अनुसंधान, इण्टरनेट, पेजर, ई-मेल तथा ई-कामर्स का सामान्य परिचय तथा उनकी आर्थिक विकास में आवश्यकता एवं महत्व।

इकाई-9 (10 अंक)
भारत का विदेशी व्यापार-आयात एवं निर्यात की प्रवृत्तियां एवं दिशा, व्यापार संतुलन एवं भुगतान संतुलन। आयात-निर्यात नीति।

इकाई-10. सांख्यिकी– (10 अंक)

  1. सामान्य परिचय, महत्व, प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़े संग्रहण की विधियां-पूर्ण गणना और प्रतिदर्श (सैम्पुल) विधियां, आंकड़ों की विश्वसनीयता, आंकड़ों को प्रदर्शन, दण्ड आरेख, वृत्त चित्र, बारम्बारता वक्र, संचयी बारम्बारता वक्र।
  2. केन्द्रीय प्रवृत्ति की माथ-समानान्तर माध्य, माध्यका (मीडियन) तथा बहुलक (मोड)।
  3. सूचकांक-अर्थ, महत्व व गणना की विधियां।

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