भारत की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील कौन-सी है, जानें

Last Updated: Dec 16, 2025, 13:56 IST

भारत में कुछ झीलें प्राकृतिक रूप से बनी हैं, तो कुछ झीलों का निर्माण जरूरत के हिसाब से इंसानों द्वारा किया गया है। आज भी ये झीलें पानी के स्रोत के रूप में शहरों में पानी की आपूर्ति को पूरा कर रही हैं। इस कड़ी में हम भारत की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील के बारे में जानेंगे।

सबसे बड़ी कृत्रिम झील
सबसे बड़ी कृत्रिम झील

भारत के भूगोल पर ध्यान दें, तो हमें यहां जल, जंगल और जमीन में पर्वत से लेकर नदियां और झीलों का जाल देखने को मिलता है। देश के अलग-अलग राज्यों में झीलें मौजूद हैं। इनमें कुछ झीलें प्राकृतिक हैं, तो कुछ झीलें मानव द्वारा बनाई गई हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

भारत की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील 

भारत की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील की बात करें, तो यह गोविंद वल्लभ पंत सागर(रिहंद जलाशय) है। यह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पिपरी नामक स्थान पर मौजूद है। झील का एक भाग मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में फैला हुआ है।

कैसे हुआ निर्माण

झील का निर्माण रिहंद बांध के कारण हुआ है, जो कि 300 फीट ऊंचा 934 मीटर लंबा है। झील का निर्माण रिहंद नदी पर किया गया है, जो कि सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी है।

कितनी बड़ी और गहरी है झील

सबसे बड़ी मानव-निर्मित झील की कुल भंडारण क्षमता 10.6 बिलियन क्यूबिक मीटर है। यह झील कुल 450 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है, जो कि 90 मीटर गहरी है। 

किसके नाम पर रखा गया झील का नाम

यूपी की इस झील का नाम प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे पंडित गोविंद वल्लभ पंत के नाम पर रखा गया है। इस झील की आधारशीला 1954 में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा रखी गई थी। झील का निर्माण 1962 में पूरा हुआ। वहीं, 6 जनवरी, 1963 को झील का उद्घाटन किया गया। 

क्या था परियोजना का उद्देश्य

इस पूरी परियोजना का उद्देश्य जलविद्युत उत्पादन था, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में बिजली पहुंच सके। वहीं, इस झील से छोडे़ गए पानी का उपयोग बिहार और यूपी के निचले इलाकों में कृषि के लिए भी किया जाता है। झील के पानी का इस्तेमाल सोनभद्र के ताप केंद्रों में कूलिंग के लिए भी किया जाता है। साथ ही, इसका औद्योगिक उपयोग भी होता है। प्राकृतिक रूप से देखें, तो झील से एक बड़ी आद्रभूमि भी बनी है, जो कि पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अच्छी पहल थी। हालांकि, बांध निर्माण के दौरान कई लोगों को विस्थापन की मार भी झेलनी पड़ी थी।

हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी तरह सामान्य अध्ययन से जुड़ा अन्य लेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

पढ़ेंःदुनिया की सबसे कठोर लकड़ी कौन-सी है, जानें



Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

... Read More
First Published: Dec 16, 2025, 13:56 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News