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UP Board कक्षा 12वीं का अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल सिलेबस 2018-2019

छात्रों को UP Board कक्षा 12 के अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल का सत्र 2018-2019 का सिलेबस यहाँ उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि छात्र अच्छी तरह अपने बदले हुवे NCERT सिलेबस से अच्छी तरह परिचित होकर अभी से अपने आगे की पढ़ाई की रणनीति तैयार कर सकें.

Apr 6, 2018 09:19 IST
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Economics and Commercial Geography Syllabus
Economics and Commercial Geography Syllabus

UP Board कक्षा 12वीं के अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल का सत्र 2018-2019 का सिलेबस हम यहाँ उपलब्ध करा रहे हैं. UP Board कक्षा 12 में NCERT सिलेबस लागु करने के बाद अब छात्रों को इस विषय से सम्बंधित सबसे बड़ा फायदा यह है कि अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल का केवल एक ही पेपर पढ़ना होगा तथा अब न्यू सेशन से छात्रों को पहले ही तरह अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल प्रथम तथा अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल द्वितीय का अलग-अलग एग्जाम देने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी. दरअसल जहाँ पहले छात्रों को 50, 50 अंकों का दो प्रश्न पत्र हल करना पड़ता था. अब उसकी जगह केवल एक प्रश्न पत्र 100 अंकों का हल करना होगा. छात्रों को UP Board कक्षा 12 के अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल का सत्र 2018-2019 का सिलेबस यहाँ उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि छात्र अच्छी तरह अपने बदले हुवे सिलेबस से अच्छी तरह परिचित होकर अभी से अपने आगे की पढ़ाई की रणनीति तैयार कर सकें.

पाठ्यक्रम

अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल

(Economics and Commercial Geography)

इस विषय में एक प्रश्न पत्र होगा जो की 100अंको का होगा तथा समय 3 घंटे दिए जायेंगे, उत्तिरनांक 33 अंक होंगे|

1 - विनिमय – वस्तु विनिमय, क्रय-विक्रय| मुद्रा धातु एवं कागजी मुद्रा| मांग तथा पूर्ति अनुसूची तथा वक्र रेखायें| मांग पूर्ति का पारस्परिक सम्बन्ध और मूल्य निर्धारण, अल्पकालीन तथा दीर्घकालीन स्थिति में तथा पूर्ण-अपूर्ण स्पर्धा में मांग और पूर्ति का संतुलन|

2 - सहकारिता – सहकारिता के सिद्धांत, सहकारी संस्थाओं के प्रकार, केन्द्रीय सहकारी बैंक, प्रदेशीय सहकारी बैंक|

3 - वितरण – लगान, ब्याज, मजदूरी और लाभ|

4 - भारत के वाणिज्य का निम्न स्तर पर विस्तृत अध्ययन-

(1) कृषि साधन, मिटटी, जलवायु, सिंचाई, फसलों की उपज तथा उनका व्यापार|

(2) वन, वनों का आर्थिक महत्व और उनसे प्राप्त उपज, प्रयोग|

(3) खनिज पदार्थ और उसका प्रयोग|

(4) जल शक्ति और उनका प्रयोग|

(5) महत्वपूर्ण निर्माण कला उद्योग और उनका स्थायीकरण|

(6) कुटीर उद्योग धन्धे|

(7) यातायात के साधन, बन्दरगाह|

 

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(8) भारत के विदेशी व्यापार की प्रकृति एवं लक्ष्य|

पुस्तकें :

कोई भी पुस्तक संस्तुत नही की गयी है| संस्था के प्रधान, विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें|

यहाँ हमने छात्रों को गत वर्ष रसायन विज्ञान का भी सिलेबस उपलब्ध कराया है ताकि छात्र बदले हुवे सिलेबस को ठीक तरीके से समझ सकें.

पाठ्यक्रम

अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल

(Economics and Commercial Geography)

इस विषय में दो प्रश्न – पत्र होंगे तथा प्रत्येक के अंक 50 और समय तीन घंटे का होगा-

प्रथम प्रश्न – पत्र (अर्थशास्त्र)

1 - विनिमय – वस्तु विनिमय, क्रय-विक्रय| मुद्रा धातु एवं कागजी मुद्रा| मांग तथा पूर्ति अनुसूची तथा वक्र रेखायें| मांग पूर्ति का पारस्परिक सम्बन्ध और मूल्य निर्धारण, अल्पकालीन तथा दीर्घकालीन स्थिति में तथा पूर्ण-अपूर्ण स्पर्धा में मांग और पूर्ति का संतुलन|

2 - सहकारिता – सहकारिता के सिद्धांत, सहकारी संस्थाओं के प्रकार, केन्द्रीय सहकारी बैंक, प्रदेशीय सहकारी बैंक|

3 - वितरण – लगान, ब्याज, मजदूरी और लाभ|

द्वितीय प्रश्न-पत्र (वाणिज्य भूगोल)

भारत के वाणिज्य का निम्न स्तर पर विस्तृत अध्ययन-

(1) कृषि साधन, मिटटी, जलवायु, सिंचाई, फसलों की उपज तथा उनका व्यापार|

(2) वन, वनों का आर्थिक महत्व और उनसे प्राप्त उपज, प्रयोग|

(3) खनिज पदार्थ और उसका प्रयोग|

(4) जल शक्ति और उनका प्रयोग|

(5) महत्वपूर्ण निर्माण कला उद्योग और उनका स्थायीकरण|

(6) कुटीर उद्योग धन्धे|

(7) यातायात के साधन, बन्दरगाह|

(8) भारत के विदेशी व्यापार की प्रकृति एवं लक्ष्य|

पुस्तकें :

कोई भी पुस्तक संस्तुत नही की गयी है| संस्था के प्रधान, विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें|

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